Small Soldiers In Hindi Now

अगर आप 90 के दशक में पले-बढ़े हैं, तो "स्मॉल सोल्जर्स" (Small Soldiers) का नाम आपके लिए कोई नई बात नहीं होगी। यह फिल्म सिर्फ एक बच्चों की मूवी नहीं थी, बल्कि यह एक ऐसी एडवेंचर-एक्शन थ्रिलर थी जिसने टॉय स्टोरी की मीठी दुनिया को तहस-नहस कर दिया था। इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर Small Soldiers in Hindi (स्मॉल सोल्जर्स हिंदी डबbed) इतनी लोकप्रिय क्यों हुई, इसकी कहानी क्या थी, और आज भी लोग इस फिल्म को क्यों पसंद करते हैं। स्मॉल सोल्जर्स की कहानी (Story in Hindi) फिल्म की शुरुआत एक बड़ी टॉय कंपनी "हार्टलैंड टॉयज" से होती है, जो दिवालिया होने की कगार पर है। कंपनी का मालिक बच्चों के लिए एक नया और अनोखा खिलौना बनाना चाहता है, जो सिर्फ खिलौना न हो बल्कि दोस्त भी हो। इसके लिए वह एक सैन्य कंपनी "ग्लोबल टेक्नोलॉजी" की मदद लेता है, जिसने एक खास तकनीक विकसित की है – एक्सेलेरेटेड न्यूरो-रिस्पॉन्स (X-1000 सीरीज) । यह चिप खिलौनों को इंसानों की तरह सोचने, सीखने और रिएक्ट करने की क्षमता देती है।

तो अगली बार जब आपको अपने कमरे में बिना बैटरी के कोई खिलौना हिलता हुआ दिखे, तो याद रखना – "वॉर... वॉर नेवर चेंजेस।" या जैसा मेजर चिप कहता है: क्या आपने Small Soldiers (स्मॉल सोल्जर्स) हिंदी में देखी है? नीचे कमेंट में बताएं और इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें जो 90 के दशक के बच्चे हैं।

एलन को अपने पड़ोस की बच्ची (कर्स्टन डंस्ट) के साथ मिलकर इन खिलौनों की इस जंग को रोकना होता है। लेकिन सवाल यह है – आखिर ये खिलौने इतने खतरनाक कैसे बन गए? हिंदी डबिंग और भारतीय दर्शकों पर प्रभाव (Hindi Dubbing Impact) जब 1998 में यह फिल्म अमेरिका में रिलीज हुई, तो भारत में इसे सीधे थिएटर में ज्यादा सफलता नहीं मिली, लेकिन जब यह सोनी पिक्चर्स और कार्टून नेटवर्क पर हिंदी में आई, तो इसे देखने वालों की संख्या बढ़ गई। भारतीय बच्चों के लिए यह एक नया अनुभव था: एक ऐसी फिल्म जहां खिलौने ही विलेन हैं।

अस्वीकरण: स्मॉल सोल्जर्स ड्रीमवर्क्स पिक्चर्स और यूनिवर्सल स्टूडियोज की संपत्ति है। यह लेख केवल शैक्षिक और मनोरंजन उद्देश्य के लिए है।

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